.....बहुत रातें यह सोचते हुए गुज़ारीं हैं कि क्या करूँ कि कल मुर्गे की बांग से मेरी खिड़की में भी सूरज निकल आये और जब रात गुज़रे तो किरणें मुझे सब दरवाज़े खोल कर ढूंढ लें ..., कैसे सब कुछ सही कर दूँ ,...सही नहीं ,......पहले जैसा कर दूँ ,...क्योंकि 'सही' 'पहले जैसा' नहीं हुआ तो ??.....फिर जब ये सोचने की आदत हो गई कि सुबह कुछ ना कुछ कर ही लूँगा , अभी और जागा नहीं जा रहा इसलिये सो जाता हूँ , तब ज़िन्दगी जीना आ गया ,
....आज, अभी सब ठीक है ,मतलब सब ठीक है ,शाम तक सब ठीक दिखता है मतलब सब ठीक है , थोड़ी देर बिना कुछ सोचे बैठ जाऊँ ,ऐसा सोच पाया तो वो luxury है , सब ठीक है ,अगले एक घंटे ज़िन्दगी नहीं दौड़ाएगी ,अगर यह सुकून है, मतलब सब ठीक है ,... बादल सर से टकरायेगा फिर गुज़र जायेगा , तो उसमें मुझे तो कुछ करना ही नहीं , ...ना मैंने उसे बुलाया था , ना मैं उससे जाके टकराया था , जब कुछ किया नहीं ,तो कुछ सोचना नहीं, समझना नहीं , करना नहीं , सब ठीक है ...,
फिर जब वो दिन गुज़र जायेगा ,रात होगी ,फिर लगेगा, सुबह तक सब ठीक ही रहेगा , सब ठीक है . इस पल , अगले पल में घुस जाने की हालत में हूँ तो सब ठीक है , उस पल से निकलने की उम्मीद रखता हूँ तो सब ठीक है , किसी पल में घुस कर ना निकलने की नियति , destiny हुई तो ये भी कितना कमाल है,इसका तो कभी पता ही नहीं होता तो इसका भी कुछ करना नहीं ,सब ठीक है,किसी की याद बाक़ी नहीं किसी की उम्मीद अधूरी नहीं , सायों के साथ होने का वहम और उस वहम का अहम् धीरे धीरे झटकों से झड गया ,चलो मेरा 'मैं' अहम् को छोड़ कर मेरे साथ बच गया ,सब ठीक है , मेरा रोना सच्चा है , मेरी बची हुई हँसी खरी है , ...तो यार ये तो कहीं कुछ गड़बड़ ही नहीं सब तो ठीक है ..... आज सब ठीक है , कल भी ऐसे सेंकडों आज आएँगे , सब ठीक ही रहेगा...सब ठीक है
(5 photos)....आज, अभी सब ठीक है ,मतलब सब ठीक है ,शाम तक सब ठीक दिखता है मतलब सब ठीक है , थोड़ी देर बिना कुछ सोचे बैठ जाऊँ ,ऐसा सोच पाया तो वो luxury है , सब ठीक है ,अगले एक घंटे ज़िन्दगी नहीं दौड़ाएगी ,अगर यह सुकून है, मतलब सब ठीक है ,... बादल सर से टकरायेगा फिर गुज़र जायेगा , तो उसमें मुझे तो कुछ करना ही नहीं , ...ना मैंने उसे बुलाया था , ना मैं उससे जाके टकराया था , जब कुछ किया नहीं ,तो कुछ सोचना नहीं, समझना नहीं , करना नहीं , सब ठीक है ...,
फिर जब वो दिन गुज़र जायेगा ,रात होगी ,फिर लगेगा, सुबह तक सब ठीक ही रहेगा , सब ठीक है . इस पल , अगले पल में घुस जाने की हालत में हूँ तो सब ठीक है , उस पल से निकलने की उम्मीद रखता हूँ तो सब ठीक है , किसी पल में घुस कर ना निकलने की नियति , destiny हुई तो ये भी कितना कमाल है,इसका तो कभी पता ही नहीं होता तो इसका भी कुछ करना नहीं ,सब ठीक है,किसी की याद बाक़ी नहीं किसी की उम्मीद अधूरी नहीं , सायों के साथ होने का वहम और उस वहम का अहम् धीरे धीरे झटकों से झड गया ,चलो मेरा 'मैं' अहम् को छोड़ कर मेरे साथ बच गया ,सब ठीक है , मेरा रोना सच्चा है , मेरी बची हुई हँसी खरी है , ...तो यार ये तो कहीं कुछ गड़बड़ ही नहीं सब तो ठीक है ..... आज सब ठीक है , कल भी ऐसे सेंकडों आज आएँगे , सब ठीक ही रहेगा...सब ठीक है

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