Wednesday, 17 September 2014

हम भी अपने पुलिसवालों की इज़्ज़त करना चाहते हैं ...

 


मेरे फेसबुक प्रोफाइल पर दूसरे देशों से काफी प्रशंसक हैं , वे भी मेरा blog पढ़ते हैं इसलिए अक्सर अंग्रेज़ी में लिखना पड़ता है ,पर आज नहीं चाहता वे पढ़ें , इसलिए हिंदी में लिख रहा हूँ।  
पुलिस की वर्दी में सजा एक अफसर आदर का पात्र और शक्ति का प्रतीक होता है । मैंने जब जब पुलिस इंस्पेक्टर का  किरदार निभाया है ,मुझे उस वर्दी मात्र से एक रक्षक की ताक़त और गौरव का एहसास हुआ है, इसके बावजूद इस देश का कोई बच्चा भी 100 रूपये का नोट निकाल कर एक मिनट में उसकी ईमानदारी और रौब पर थूक कर चल देने का विश्वास और साहस रखता है , उसे इतना भरोसा होता है कि पुलिसवाला है तो उसकी ईमानदारी की , इस परिभाषा और छवि से अलग तो कोई और परिभाषा हो ही नहीं सकती और यकीन मानिये , ऐसा खाब में भी नहीं होता कि कोई पुलिस अफसर यूँ सड़क के बीच 100 -50 रूपये में बिकने से परहेज़ कर जाये,कुछ तुरंत माँग लेते हैं ,कुछ मौका देख कर ,फिर भी कोई  ना लेने को अड़ ही जाए तो समझ लीजिये, उसे ज़्यादा चाहिए ,इसके आलावा पुलिस का कोई और गुप्त  ज्ञान हो , ये किसी ने ना कभी देखा ना सुना ना अनुभव किया ।  ये छवि स्वयं हमारी पुलिस ने कमाई है।  उनके बच्चे मजबूर लोगो से छीने खसोटे पैसों से बड़े होते हैं ,इस सिस्टम को राष्ट्रीय स्वीकृति मिल चुकी है , ये उनके कार्य का हिस्सा माना जा चुका है ,इसलिए यदि वो आप पर चिल्ला रहा है या गिरफ्तारी या थाने ले जाने का ख़ौफ़ दिखा रहा है तो ये understood होता है कि वह आपसे पैसे मांग रहा है , अगर आपने इंकार किया तो वो क्षण भर में आपको सारे क़ानून , अपने अधिकारों और फ़र्ज़ पर निबंध सुना देगा ,वो फ़र्ज़ जो उसने पुलिस की यूनिफार्म पहनने के दुसरे दिन ही गटर में फेंक दिये ,और अगर शुरू शुरू में किसी को ये सब करने में हिचक भी होती है तो उसे बहाव के विपरीत तैरने में कोई सार नहीं दिखता।  

मुंबई पुलिस  और उनके sharp shooters को बहुत बहुत धन्यवाद कि उन्होंने यहाँ अंडरवर्ल्ड का खौफ बहुत कम कर दिया। 
https://www.youtube.com/watch?v=wrRU79any6c

बस अब  आपसे बस एक निवेदन है कि  जिस तरह आपने मुंबई की आतंकी गन्दगी कम कर दी उसी तरह अब अपने महकमे को भी साफ़ कर दीजिये।  आपके कार्य के लिए अत्यंत बधाइयाँ देते हुए सिर्फ ये निवेदन है की पुलिस महकमे को भी encounter operation की सख़्त आवश्यकता है।  एक भ्रष्ट पुलिस अफसर एक आतंकवादी से भी ज़्यादा घातक होता है क्यूँकि उसकी हर गलत हरकत पर आपकी किसी भी आपत्ति को वो तुरंत एक अफसर से ड्यूटी पर अभद्रता कहके आपको सालों अदालतों और पुलिस स्टेशन के चक्कर लगाने को मजबूर कर सकता है,और सेंकडों बार हम सबने देखा है कि कैसे वे , वर्दी वाले से बदतमीज़ी करने के इलज़ाम को ,हथियार की तरह इस्तेमाल करते हैं क्यूंकि हमारे ही क़ानून ने यह बंदोबस्त किया है कि  ,शक़ की बिनाह पर  पकड़ने वाला हमेशा सही ही होगा और उसकी बात पर आपत्ति करने वाला उलंघन करने वाला मन जाएगा । कैसे जिन्हें सारा दिन सड़कों और चौराहों पर , पुलिस स्टेशनों और अदालतों में 100 -50 के नोट जेबों में डालते देखते रहते हैं ,  उनसे कोई सुरक्षित महसूस कर सकता है ? ये हमारी बदकिस्मती है कि कोई उनसे इसलिए नहीं डरता कि उसने कुछ गलत किया है बल्कि इसलिए डरता है कि वो गलत कर सकते हैं इसलिए इनसे दूर रहो , ये छवि कमाई है इन्होने ,जिन रक्षकों को अपना मानना चाहिए था , जिनकी उपस्थिति में बेहद सुरक्षित महसूस करना चाहिए था , उनसे सब  सही लोग भी कतराते हैं,असुरक्षित महसूस करते हैं ,और आम नागरिकों पर चिल्लाना , उनसे हाथापाई करने, अगर कोई थोड़ा दीन हीन सा दिख जाए तो थप्पड़ मार देने की हिम्मत उन्हें इसी विश्वास के चलते आई है कि उनके पास क़ानून का दुरुपयोग करने की कानूनी सहुलियत है  । 

https://www.youtube.com/watch?v=JmyirylqQk4

https://www.youtube.com/watch?v=c5uMlNEUsOg

https://www.facebook.com/video.php?v=572077419588648

 


एक भ्रष्ट पुलिस अफसर के मुकाबले एक असामाजिक तत्त्व  से लड़ना ज़्यादा आसान है ,क्यूँकि  कम से कम  आप उसे उसी के तरीके से जवाब  देने पर अपराधी तो नहीं बन जाते। 
अब पुलिस को ये समझना होगा कि हम सब चाहते हैं कि हम अपने अफसरों की इज़्ज़त करें , उनके आस पास होने पर सुरक्षित महसूस करें , क्यूँकि उनका कार्य बेहद मुश्किल और प्रशंसनीय है ,पर अगर इसी तरह लोगों ने सड़क के बीच या सार्वजनिक रूप से अफसरों की अराजकता और आतंक का यूँ खुलेआम जवाब देना शुरू कर दिया , इसी तरह videos रिकॉर्ड कर के इंटरनेट पर डालना शुरू कर दिया और दो चार भी ऐसे वीडियो viral (बेहद चर्चित) हो गए ,जिनमें आम जनता पुलिस  को बीच सड़क पीट रही है तो पूरे हिन्दुस्तान में ये नज़ारा आम हो जाएगा और फिर जनता में खौल रहे  इतने गुस्से को आप किसी तरह नियंत्रित नहीं कर पाएंगे,ये कितना सही होगा कितना नहीं ये अब इसलिए मुद्दा नहीं रह जाएगा क्यूँकि जब भी कभी Youtube पर या Facebook पर कोई ऐसा वीडियो आ रहा है जिसमें कोई एक व्यक्ति पुलिस के आतंक के विरूद्ध खड़ा हो गया हो तो हर आदमी उसे LIKE कर रहा है , SHARE कर रहा है और  अचानक लाखों लोग ये प्रण करने लगते हैं एक अगली बार एक भी पुलिस वाले ने अभद्रता की तो वे भी उसे बताएँगे  ,लाखों लोग रोज़ समझ रहे हैं कि एक नागरिक पर अत्याचार हो रहा हो तो इन्हें सबक सीखा दो , हर बार हर व्यक्ति सिर्फ इतना सोच पाता है कि उस दिन अगर वो भी उस  भीड़ का हिस्सा होता तो उस पुलिस वाले की  हालत ख़राब कर देता जैसे और मौजूद लोगों ने की …… और ये पुलिस के लिए अच्छी खबर नहीं है। …इसलिए please कुछ कीजिये अपने महकमे को संभालिये ,उसे साफ़ कीजिये , उनकी councelling कीजिये,आप हर बच्चे के हीरो हैं ,हम बचपन से इस वर्दी से सम्मोहित होते आए हैं और आज भी आप लोगों की बेहद इज़्ज़त करना चाहते हैं। हम चाहते हैं कि जब भी हम अपने रक्षकों को देखें, तो उन्हें देखकर हमारे दिल में इज़्ज़त और चेहरे पर विश्वास का भाव आ जाए।  please उसका मौका दें।